संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किये गये हैं


केंद्रापदा: महानदी में बाड के कारण उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का पानी बह रहा है. जिला प्रशासन के अनुसार, महानदी की शाखाओं में लूना और चिठोत्पला नदियों के कारण मार्शाघई, महाकालपाड़ा और गारदपुर ब्लॉक के 18 ग्राम पंचायतों के 60 गांव डूब गए हैं। इससे 70 हजार 231 लोग प्रभावित हुए हैं. गुरुवार रात से एक गांव में जलजमाव से उस गांव के 140 लोग प्रभावित हैं और शुक्रवार को दूसरे गांव में जलजमाव से 120 लोग प्रभावित हुए हैं. इससे पहले, 4 चक्रवात आश्रयों में 25 लोगों को बचाया गया था और आज 2 चक्रवात आश्रयों में 232 लोगों को पानी से बचाया गया हे। चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाए गए लोगों के लिए पांच मुफ्त भोजन केंद्र पहले ही खोले जा चुके हैं, जबकि तीन और भोजन केंद्र शुक्रवार से चालू हो गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि उन्हें 3 दिनों तक मुफ्त भोजन दिया जाएगा. इस बाढ़ से 41 बड़ी गाय-भैंस और 90 छोटे बछड़े प्रभावित हुए हैं. चक्रवात आश्रय स्थलों में रहरहे लोगों के लिए 46 क्विंटल चूड़ा, 4.80 क्विंटल गुड़ भेजा गया है और 2 आश्रय स्थलों में क्रमश: 160 कार्टून बिस्कुट, 1 लीटर पानी की 500 बोतलें और 3000 पाउच पानी के पैकेट उपलब्ध कराये गये हैं. बताया गया है कि 3 मेडिकल टीमें और 6 पशु चिकित्सा टीमें भेजी गई हैं.


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